Chunnu Ji

नौकरी वाले मम्मी-पापा: बच्चे के दिन में अपनी आवाज़ रखने के 7 तरीके

कुछ दिन आप बच्चे के जागने से पहले घर से निकल जाते हैं और लौटते हैं तो बस नहलाने-सुलाने का वक़्त बचा होता है। शिफ़्ट की नौकरी, मेट्रो और ट्रैफ़िक का लंबा सफ़र, ऑफ़िस के टूर: बहुत से परिवारों की यही असल ज़िंदगी है। ऐसे में लगता है कि छोटे-छोटे पल छूट रहे हैं: पहली बार "गाड़ी" बोलना, रसोई में वो मज़ेदार नाच, दोपहर के खाने के बाद की झप्पी।

आप हर जगह नहीं हो सकते। पर आपकी आवाज़ जितना आप सोचते हैं, उससे कहीं दूर तक जा सकती है। यहाँ सात आसान तरीके हैं, ताकि सबसे व्यस्त हफ़्ते में भी बच्चे के दिन में मम्मी-पापा की आवाज़ बनी रहे।

1. आवाज़ की एक "रस्म" बनाएँ, जो कभी न छूटे

एक पल चुनें जो हमेशा आपका हो: सुबह का बाय-बाय, शाम का "आ गया मेरा बच्चा!", या रात का आख़िरी गाना। और उसे हर दिन वैसा ही रखें: वही शब्द, वही धुन, वही झप्पी। जब दिन का कोई ठिकाना न हो, तब आपके साथ की एक तय रस्म छोटे बच्चे के लिए बहुत मायने रखती है।

2. घर पर जो बच्चे के साथ है, उसे वॉइस नोट भेजें

दिन में बच्चा दादी, नानी, घर की दीदी या आपके जीवनसाथी के साथ रहता है, तो लंच के समय 20 सेकंड का वॉइस नोट भेज दें: "हैलो मेरे सितारे! दाल-चावल खाया? पापा तुम्हें बहुत प्यार करते हैं।" घर वाले इसे रोज़ एक ही समय पर बच्चे को सुना सकते हैं। छोटा, प्यार भरा और ख़ुशमिज़ाज रखें। छोटे बच्चे को लंबे संदेश की ज़रूरत नहीं।

3. रोज़ के शब्द अपनी आवाज़ में रिकॉर्ड करें

छोटे बच्चे दिन में कई बार वही बातें सुनते हैं: "शाबाश!", "चलो हाथ धोते हैं", "खाने का टाइम", "बॉल कहाँ गई?"। इनमें से कुछ आपकी आवाज़ में रिकॉर्ड हों, तो घर वालों के पास दिन भर का एक सहारा रहता है। छुन्नू जी में माता-पिता पैरेंट गेट के पीछे वाले Parent हिस्से में कुछ छोटी लाइनें रिकॉर्ड करते हैं। फिर ऐप की गतिविधियाँ उसी आवाज़ में बोलती हैं, छोटे खेलों की शाबाशी से लेकर नन्हे संदेश तक। उसी आवाज़ में नई लाइनें सपोर्टेड फ़ोन पर बनती हैं; दूसरे फ़ोन पर ऐप आपकी रिकॉर्ड की हुई लाइनें ही चलाता है।

4. रोज़ के कामों को अपनी आवाज़ में खेल बनाएँ

ब्रश करना, खाना और सोने की तैयारी: यहीं छोटे बच्चे सबसे ज़्यादा ज़िद करते हैं। जानी-पहचानी आवाज़ इन्हें लड़ाई की जगह खेल जैसा बना सकती है। ब्रश का गाना गाएँ, हर कौर पर "एक, दो, तीन" गिनें, या छुट्टी के दिन साथ में रोज़ के काम वाली गतिविधि खेलें, ताकि हफ़्ते के बीच घर वाले इसे इस्तेमाल करें तो बच्चे को सब जाना-पहचाना लगे।

5. "कौन बोल रहा है?" खेलें

छोटे बच्चों को अंदाज़ा लगाने वाले खेल बहुत पसंद हैं। कुछ रिकॉर्ड की हुई आवाज़ें चलाएँ, आपकी, दादी की, बड़े भैया या दीदी की, और पूछें: "ये कौन है?" यह मज़ेदार है, जल्दी हो जाता है, और परिवार का हर सदस्य बच्चे की दुनिया में बना रहता है। छुन्नू जी की कौन बोल रहा है? गतिविधि इसी सोच पर बनी है।

6. छुट्टी का समय, बिना दबाव

छुट्टी के दिन के लिए परफ़ेक्ट प्लान ज़रूरी नहीं। ब्लॉक्स के साथ ज़मीन पर दस मिनट, पार्क तक की सैर में दिखने वाली हर चीज़ का नाम ("बस! कुत्ता! पेड़!"), या साथ गाया एक गाना, यही असली क्वालिटी टाइम है। उन दस मिनटों में अपना फ़ोन दूर रख दें। बाद में आने वाले हफ़्ते के लिए एक नई लाइन रिकॉर्ड कर लें; एक मिनट लगता है।

7. ख़ुद पर थोड़ी नरमी रखें

कामकाजी माता-पिता अक्सर मन में बहुत अपराध-बोध लेकर चलते हैं। बच्चे को हर मिनट आपकी ज़रूरत नहीं; उसे यह महसूस होना चाहिए कि आप उससे जुड़े हैं। आपकी आवाज़, आपका चेहरा और आपका ध्यान, छोटे-छोटे पर रोज़ के पल, यही जुड़ाव बनाते हैं। कोई ऐप दिन भर आपकी आवाज़ पहुँचाने में मदद कर सकता है, पर आपकी जगह नहीं लेता, और उसे लेनी भी नहीं चाहिए। दरवाज़े पर दौड़कर बच्चा आपके ही पास आता है।

अनुमति और निजता की एक बात

सिर्फ़ अपनी आवाज़ रिकॉर्ड करें, या परिवार के किसी सदस्य की आवाज़ उनकी अनुमति से। छुन्नू जी में आवाज़ें फ़ोन में ही रहती हैं, अपलोड नहीं होतीं, और ऐप में कोई विज्ञापन नहीं है। सेटअप के बाद यह बिना इंटरनेट चलता है।

खेल में अपनी आवाज़ लाएँ

अगर आप चाहते हैं कि आप ऑफ़िस में हों तब भी बच्चा खेलते हुए आपकी आवाज़ सुने, तो Chunnu Ji को Google Play पर पाएँ। यह मुफ़्त में शुरू होता है और 1–4 साल के बच्चों के लिए माता-पिता के साथ मिलकर खेलने को बना है।

आवाज़ से जुड़ी बात: परिवार की आवाज़ में नई लाइनें बनाने के लिए सपोर्टेड फ़ोन चाहिए (64-bit Android, कम से कम 5.5 GB RAM और 2.2 GB खाली जगह)। दूसरे फ़ोन पर ऐप आपकी रिकॉर्ड की हुई लाइनें ही चलाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नौकरी करने वाले मम्मी-पापा छोटे बच्चे से कैसे जुड़े रहें?

रोज़ की एक रस्म रखें जो सिर्फ़ आपकी हो, घर वालों को छोटे वॉइस नोट भेजें, और रोज़ या हर छुट्टी पर बिना फ़ोन के कुछ मिनट असली खेल में बिताएँ।

क्या छोटे बच्चे मम्मी-पापा की आवाज़ पहचानते हैं?

बच्चे जन्म से परिवार की आवाज़ों के बीच रहते हैं, और जानी-पहचानी आवाज़ें उनकी रोज़ की दुनिया का हिस्सा होती हैं। संदेश छोटे और प्यार भरे रखें, और वही बातें बार-बार कहें।

बच्चे के लिए वॉइस नोट में क्या बोलें?

उसका नाम, एक आसान सवाल या शाबाशी, और प्यार भरा बाय-बाय। जैसे: "हैलो पीहू! टेडी के साथ खेल रही हो? मम्मी तुम्हें बहुत प्यार करती है। बाय-बाय!" 20 सेकंड काफ़ी हैं।

क्या दादी या घर की दीदी मेरी रिकॉर्ड की हुई आवाज़ बच्चे को सुना सकती हैं?

हाँ, रिकॉर्डिंग का यह सबसे काम का इस्तेमाल है। उन्हें बता दें कि खाने, ब्रश और सोने के समय कौन-सी रिकॉर्डिंग चलानी है।

क्या छुन्नू जी मेरी आवाज़ अपलोड करता है?

नहीं। छुन्नू जी में रिकॉर्डिंग फ़ोन में ही रहती है, और ऐप उसे अपलोड नहीं करता।